Delhi government’s big decision: दिल्ली सरकार ने अपने सरकारी स्कूलों के छात्रों को मेडिकल और सेंट्रल यूनिवर्सिटी में दाखिले की बेहतर तैयारी का अवसर देने के लिए मुफ्त NEET और CUET कोचिंग की घोषणा की है। इस पहल के तहत, दिल्ली सरकार के शिक्षा निदेशालय ने BIG (NSDC इंटरनेशनल, स्किल मंत्रालय और फिजिक्स वाला लिमिटेड की संयुक्त पहल) के साथ एक MOU साइन किया है।
यह समझौता दिल्ली विधानसभा परिसर में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और शिक्षा मंत्री आशीष सूद की मौजूदगी में हुआ। इस योजना के तहत, NEET-2025 और CUET UG-2025 की तैयारी कर रहे सरकारी स्कूलों के 1.63 लाख छात्र मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग का लाभ उठा सकेंगे।
Delhi government’s big decision: बस यह हैं एक शर्त
दिल्ली सरकार 163 हजार छात्रों को मुफ्त CUET, NEET ऑनलाइन कोचिंग देगी
सरकारी स्कूलों के छात्रों के लिए अब तो बोर्ड-बैले, CUET और NEET परीक्षा की तैयारी के लिए 1 अप्रैल से मुफ्त कोटा कोचिंग; सरकार ने कर ली तैयारी
दिल्ली सरकार ने गुरुवार को कक्षा 12 के बाद CUET और NEET की तैयारी के लिए छात्रों को मुफ्त क्रैश कोर्स प्रदान करने के लिए बिग इंस्टीट्यूट के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए।
दिल्ली शिक्षा निदेशालय और बिग इंस्टीट्यूट के बीच हुए इस समझौते के तहत 1.63 लाख सरकारी स्कूलों के छात्रों को नीट और सीयूईटी के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग दी जाएगी। इस समझौते पर हस्ताक्षर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और शिक्षा मंत्री आशीष सूद की मौजूदगी में हुए।

Delhi government’s big decision: कितने दिन का होगा कोर्स
सूद ने कहा कि यह कार्यक्रम 1 अप्रैल से शुरू होगा और इसमें 30 दिनों में 180 घंटे की कोचिंग शामिल होगी, जिसमें प्रतिदिन छह घंटे की कक्षाएं होंगी।
मुख्यमंत्री गुप्ता को सरकारी स्कूलों के छात्रों के लिए बड़ी खुशखबरी
Delhi government’s big decision: मुख्यमंत्री गुप्ता ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य सरकारी स्कूल के छात्रों को मेडिकल और इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रवेश दिलाने में मदद करना है।
उन्होंने कहा, “इससे दिल्ली के सरकारी स्कूलों के अधिक से अधिक छात्रों को अच्छे कॉलेजों में दाखिला लेने और मेडिकल और इंजीनियरिंग कार्यक्रमों के लिए प्रवेश परीक्षाओं को सफलतापूर्वक पास करने का अवसर मिलेगा।”
(इस रिपोर्ट की केवल हेडलाइन और तस्वीर को बिजनेस स्टैंडर्ड के कर्मचारियों द्वारा फिर से तैयार किया गया हो सकता है; बाकी सामग्री सिंडिकेटेड फीड से स्वतः उत्पन्न होती है।)

Delhi government’s big decision अगर आप सीयूईटी और नीट परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं या करने की सोच रहे हैं तो यह खबर आपके काम की है। दिल्ली सरकार ने इन कंपार्टमेंटल एग्जॉम की तैयारी के लिए एक जरूरी कदम उठाया है, जिसका लाभ जल्द ही छात्रों को मिलेगा। दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशिष सूद के मुताबिक, सीयूईटी और नीट के लिए 1 अप्रैल से फ्री कोचिंग कोचिंग क्लासेज चलेंगी। इस पहल का उद्देश्य सरकारी स्कूलों के छात्रों को नामी फिल्म में यात्रा और मेडिकल और सेंट्रल यूनिवर्सिटीज प्रोग्राम के लिए एंट्रेंस एग्जॉम पास करने के लिए बेहतर मौका मिला।
सरकार ने किया समझौता
Delhi government’s big decision: 27 मार्च को शिक्षा निदेशालय और बिग इंस्टीट्यूट और फिजिक्सवाला लिमिटेड के साथ सरकार का एक समझौता हुआ है, जिसके तहत 12वीं कक्षा के बाद सीयूईटी और नीट की तैयारी करने वाले छात्रों को मुफ्त में शैक्षणिक पाठ्यक्रम उपलब्ध कराया जाएगा। एक शुरुआती सीन के समय सीएम गुप्ता रेखा और शिक्षा मंत्री आशीष सूद मौजूद थे। इस कदम से सरकारी स्कूलों के करीब 1.63 लाख छात्रों को लाभ मिलने की संभावना बनी हुई है।
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180 घंटे की होगी क्लास
Delhi government’s big decision: दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, यह प्रोग्राम 1 अप्रैल से शुरू होगा, जिसमें 30 दिनों में 180 घंटे की मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग दी जाएगी, जिसमें हर दिन 6 घंटे की क्लास चलेगी। उन्होंने आगे कहा, “यह मुफ़्त पहल है कि हमारे छात्रों को इन खेलों में उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए दिशानिर्देशित ऑर्केस्ट्रा प्राप्त करना है, जिससे शीर्ष मेडिकल कॉलेज और सेंट्रल यूनिवर्सिटीज में अपने सबसे बड़े पैमाने पर वृद्धि हुई है।”
पढ़ाए जाएंगे ये विषय
Delhi government’s big decision: एक बयान में कहा गया है, इसके तहत सबसे पहले छात्रों को 2 अप्रैल से 2 मई, 2025 तक हर दिन छह घंटे की ऑनलाइन कोचिंग प्रतियोगिता दी जाएगी, जिसमें फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी, गणित, सामान्य योग्यता और अंग्रेजी जैसे विषय शामिल होंगे। इस कार्यक्रम में रिवीजन के लिए पीडीएफ नोट्स, तैयारी के लिए नियमित योजना परीक्षण और डेडिकेटेड डाउट-रिसॉल्यूशन सिस्टम की जांच शामिल है।
बयान में कहा गया है कि यह सबसे पहले हाशिए के समाज के छात्रों के लिए ‘गेम-चेजर’ साबित होगा, सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है, गरीब छात्रों की पढ़ाई के दौरान जरूरी चुनौतियां उनके महत्वपूर्ण सिद्धांतों में बाधाएं नहीं हैं।